
देहरादून:
राजधानी देहरादून के नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। कूड़ा फेंकने और गंदगी फैलाने के एवज में किए गए चालान को सेटल करने के नाम पर रिश्वत मांग रहे नगर निगम के एक सुपरवाइजर सह सफाई नायक को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने दुकानदार पर किए गए 10 हजार रुपये के चालान को निपटाने के बदले 3 हजार रुपये की अवैध रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई के बाद से नगर निगम महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, एक पीड़ित दुकानदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी टोल फ्री नंबर 1064 पर विजिलेंस से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता की बंजारावाला स्थित चांदचक रोड पर ऑटो पार्ट्स की दुकान है। दुकान के पास पानी फैले होने के कारण नगर निगम देहरादून के सुपरवाइजर व सफाई नायक अंकुश कुमार ने ‘उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम-2016’ के तहत उसका 10 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया था।
10 हजार का डर दिखाकर मांगी 3 हजार की घूस
आरोप है कि चालान काटने के बाद सुपरवाइजर अंकुश कुमार ने खेल शुरू किया। उसने दुकानदार को कानूनी कार्रवाई से राहत देने और चालान को रफा-दफा करने का झांसा देकर 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। परेशान होकर दुकानदार ने विजिलेंस की शरण ली। शिकायत मिलने पर जब सतर्कता सेक्टर देहरादून ने प्रारंभिक जांच की, तो मामला बिल्कुल सही पाया गया। इसके तुरंत बाद थाना सतर्कता में मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक (सतर्कता सेक्टर देहरादून) के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी
योजना के मुताबिक, रविवार 25 मई 2026 को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अंकुश कुमार को 3 हजार रुपये की केमिकल लगी रकम थमाई, घात लगाकर बैठी सतर्कता (विजिलेंस) की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने नगर निगम में भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य कर्मचारियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।



