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रेखा आर्य और पति के बीच विवाद गहराया, दो साल पुराने मामले के बाद अब गंभीर आरोपों की जांच

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2024 में दूसरी महिला के दस्तावेजों में पति का नाम दर्ज होने को लेकर दर्ज कराया था मुकदमा; अक्टूबर 2026 में मंत्री ने पति के खिलाफ भी दर्ज कराई एफआईआर

देहरादून। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। मंत्री ने अपने पति के खिलाफ मारपीट, धमकी, कथित वैवाहिक धोखाधड़ी और दस्तावेजों में जालसाजी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले के बीच अक्टूबर 2024 में बरेली में दर्ज कराया गया एक पुराना मुकदमा भी फिर चर्चा में आ गया है। उस समय रेखा आर्य ने कल्पना मिश्रा उर्फ चतुर्वेदी नाम की महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि महिला ने आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू को अपना पति बताया था।

दोनों मामलों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे प्रकरण को शिकायतों और संबंधित पक्षों के आरोपों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

2024 में दूसरी महिला के दस्तावेजों को लेकर दर्ज हुआ था मुकदमा

रेखा आर्य ने अक्टूबर 2024 में बरेली के बारादरी थाने में कल्पना मिश्रा उर्फ चतुर्वेदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इससे पहले उन्होंने बरेली के आईजी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि संबंधित महिला ने अपने आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू का नाम पति के रूप में दर्ज कराया है। शिकायत में बरेली स्थित उनके आवास का पता इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी लगाया गया था।

मंत्री ने अपनी शिकायत में बरेली स्थित आवास से सात लाख रुपये और स्वर्ण जड़ित रुद्राक्ष की माला चोरी होने का आरोप भी लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने एक हुंडई क्रेटा कार पर कथित रूप से उत्तराखंड सरकार का बोर्ड, हूटर और नीली बत्ती लगाए जाने की बात कही थी। शिकायत में डॉ. आरसी पांडे का नाम भी शामिल था।

ये सभी आरोप उस समय दर्ज शिकायत का हिस्सा थे। इनके संबंध में जांच की स्थिति और अंतिम निष्कर्ष की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। केवल इस पुराने मुकदमे के आधार पर पति-पत्नी के बीच विवाद की शुरुआत या उसके कारणों के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

अक्टूबर 2026 में पति के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

15 अक्टूबर 2026 को रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उनकी शादी छह जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। मंत्री ने आरोप लगाया कि शादी के समय उनके पति ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि बाद में उन्हें उनके पहले से विवाहित होने और बच्चे होने की जानकारी मिली।

शिकायत में पति के अन्य महिलाओं से कथित संबंधों, विरोध करने पर मारपीट और दुर्व्यवहार, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। रेखा आर्य का दावा है कि उनके पति ने पहले अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी थी, लेकिन इसके बावजूद विवाद जारी रहा।

जातिसूचक टिप्पणी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी आरोप

रेखा आर्य ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास पर कर्मचारियों की मौजूदगी में उनके पति ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया। उन्होंने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

इसके अलावा, मंत्री ने कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे और न ही पद छोड़ने के लिए कोई त्यागपत्र दिया था।

एफआईआर में कई धाराओं का उल्लेख

शिकायत में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-ए, 504 और 506 का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कुछ धाराएं भी शामिल बताई गई हैं।

इन धाराओं का उल्लेख शिकायत में लगाए गए आरोपों के संदर्भ में है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित पक्ष का जवाब और जांच की प्रगति भी महत्वपूर्ण होगी।

दो साल पुराने मामले और हालिया एफआईआर के सामने आने के बाद यह विवाद फिर सार्वजनिक चर्चा में है। हालांकि, दोनों प्रकरणों के बीच संबंध और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगी।

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