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उत्तराखंड में 12 नवंबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण, 12,543 मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगे अधिकारी

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10 दिन के विशेष अभियान में मतदाता सूची की खामियां होंगी दूर, बिजली-पानी, रैंप और शौचालय जैसी सुविधाओं की भी होगी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने और मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को राज्य के 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मतदाता सूची की जांच के लिए अगले 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (SSR-2027) की शुरुआत 12 नवंबर 2026 से होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का भी दोबारा परीक्षण किया जाए।

जर्जर भवनों वाले मतदान केंद्र होंगे स्थानांतरित

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। जिन केंद्रों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें नियमानुसार आसपास के सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को परेशानी न हो।

नाम, उम्र और अन्य विवरणों की होगी जांच

मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को 10 दिन का विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित व्यक्ति के नाम सहित दर्ज विवरणों का पुनः सत्यापन किया जाएगा। किसी मतदाता के विवरण में कमी या त्रुटि मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-8 भरवाया जाएगा।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट सूची

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

दावे और आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया 28 दिसंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

फॉर्म-7 आवेदन की संख्या भी निर्धारित

बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 के माध्यम से दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। निर्धारित नियमों के अनुसार, दावे और आपत्तियों की अवधि में कोई मतदाता आक्षेपकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन दे सकता है।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे।

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