
मसूरी:
देहरादून जनपद के मसूरी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत के बयानों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए।
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
हरक सिंह रावत ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है। उन्होंने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। साथ ही बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को घेरा
उन्होंने राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इन घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इन मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
2027 चुनाव को लेकर जताई आशंका
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी हरक सिंह रावत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सतर्कता जरूरी है और कार्यकर्ताओं को सजग रहना चाहिए।
राज्य निर्माण के उद्देश्यों पर उठाया मुद्दा
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के समय जो लक्ष्य तय किए गए थे, वे अब तक पूरी तरह साकार नहीं हो पाए हैं। उनके अनुसार, राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास नहीं हुआ है।
मसूरी सीट से चुनाव लड़ने के संकेत
सम्मेलन के दौरान हरक सिंह रावत ने यह भी कहा कि यदि पार्टी उन्हें मौका देती है, तो वह मसूरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इसे स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
हरक सिंह रावत के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।



