
रामनगर। किन्नर समाज में गुरु-चेली के बीच संपत्ति विवाद का मामला सामने आया है। विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले में याना खान और उनकी गुरु रेशमा खान अपना-अपना पक्ष लेकर कोतवाली पहुंचीं और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
याना खान ने लगाए मारपीट और धमकी के आरोप
याना खान के अनुसार, वह रामनगर की निवासी हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गुरु रेशमा खान के साथ किसी मामले को लेकर बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान जाहिर आलम अचानक घर पहुंचा और उनके साथ मारपीट करने लगा। याना खान का आरोप है कि बीच-बचाव करने आए उनके पड़ोसी लईक के साथ भी गाली-गलौज की गई।
याना खान ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गई हैं और उनके घर की बिजली की तारें काटने जैसी घटनाएं हुई हैं। उन्होंने विवाद की वजह संपत्ति को लेकर चल रहा मामला बताया। उनके मुताबिक, संबंधित संपत्ति किन्नर समाज से जुड़ी है और उसके नामांतरण को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए पुलिस से कार्रवाई का आग्रह किया।
गुरु रेशमा खान ने भी लगाए आरोप
दूसरी ओर, रेशमा खान ने भी कोतवाली पहुंचकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वह पिछले 40 से 50 वर्षों से रामनगर में रह रही हैं। रेशमा खान का आरोप है कि याना खान उन्हें परेशान करती हैं और संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाती हैं। उन्होंने धमकियां मिलने और एक युवक के तमंचा लेकर आसपास घूमने का आरोप भी लगाया।
रेशमा खान ने पड़ोसी लईक के परिवार पर भी विवाद में हस्तक्षेप करने और मारपीट करने के आरोप लगाए। उन्होंने स्वीकार किया कि घटना के दौरान जाहिर आलम और याना खान के बीच विवाद हुआ था। उनके अनुसार, जाहिर आलम ने याना खान के साथ मारपीट की, लेकिन इससे पहले याना खान ने उसके साथ बदतमीजी की थी और अपशब्द कहे थे। रेशमा खान का दावा है कि बाद में पड़ोसी पक्ष के लोगों ने भी हस्तक्षेप करते हुए मारपीट की।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल, संपत्ति विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक पक्ष ने सुरक्षा की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष ने भी अपने ऊपर हो रहे कथित उत्पीड़न की शिकायत की है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वजह और घटना से जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



