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देहरादून से मसूरी तक FDA की छापेमारी, मिठाई और पनीर समेत आठ खाद्य नमूने जांच को भेजे

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क्लेमेनटाउन के छह रेस्टोरेंटों को नोटिस, दस्तावेजों की कमी पर कार्रवाई; मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य

देहरादून। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने देहरादून से मसूरी तक खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, बेकरी और खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच की गई। संदेह के आधार पर कुल आठ खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए। वहीं, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर चलाए गए अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने खाद्य कारोबार से संबंधित लाइसेंस, स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों की जांच की। विभाग ने स्पष्ट किया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्लेमेनटाउन के छह रेस्टोरेंटों को नोटिस

नगर निगम क्षेत्र के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने बुद्धापार्क, क्लेमेनटाउन स्थित दशा रेस्टोरेंट, कैफे रिची रिच, पहाड़ी रसोई, नौरंगिया कैफे, वेलकम और कलसंग का निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन प्रतिष्ठानों में पेयजल की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज और मीट उत्पादों के स्रोत से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले।

इस पर संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 61 के तहत नोटिस जारी किए गए। विभाग ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

मिठाई की ट्रे पर लिखनी होगी निर्माण और अवसान तिथि

अभियान के दौरान मिठाई विक्रेताओं को उपभोक्ताओं के हित में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में हलवाई एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

आनंदम स्वीट्स की निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, जहां साफ-सफाई की स्थिति उचित पाई गई। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित जैना चूर चूर नान से भारत किंग डेयरी के पैक्ड पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया।

विकासनगर और सेलाकुई में भी जांच

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने धूलकोट स्थित स्वीट्स वीके की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां खाद्य लाइसेंस तो मिला, लेकिन वह मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी का नहीं था। इस पर लाइसेंस में आवश्यक संशोधन होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान पेयजल जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। टीम ने संदेह के आधार पर रसगुल्ला, लड्डू और बर्फी के तीन नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद सेलाकुई क्षेत्र में भी मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों की जांच की गई। यहां मिल्क केक और पेड़े के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए तथा दुकानदारों को मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और अवसान तिथि अंकित करने के निर्देश दिए गए।

मसूरी में मिठाई और डेयरी उत्पादों की जांच

मसूरी के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने मॉल रोड और लंढौर क्षेत्र में मिठाई एवं बेकरी की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों को मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से लिखने के लिए कहा गया। लंढौर बाजार से बेसन के लड्डू और एक डेयरी से पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया।

रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना ने बताया कि अभियान के दौरान कुल आठ खाद्य नमूने खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, उपयुक्त लाइसेंस, सुरक्षित पेयजल, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।

विभागीय टीम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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