
उत्तरकाशी:
उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेकिंग रूट से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एमबीए की छात्रा बबीता पांडे की तलाश लगातार सातवें दिन भी जारी है। एक हफ्ते बाद भी युवती का कोई सुराग न मिलने पर प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को बेहद आक्रामक और तेज कर दिया है। अब इस खोज अभियान में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की विशेषज्ञ पर्वतारोही टीम को भी उतार दिया गया है।

29 मई की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बबीता पांडे गत 29 मई की रात को दयारा बुग्याल क्षेत्र से अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में ओझल हो गई थीं। घटना के तुरंत बाद से ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें जंगलों में खाक छान रही हैं, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
भाई की तहरीर पर दो दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज
इस पूरे मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब पुलिस ने बबीता के साथ ट्रेकिंग पर गए उसके दो दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
आरोपियों के नाम: बबीता के साथ ट्रेक पर मौजूद हरमनपाल और हरमनप्रीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
परिजनों को शक: बबीता के भाई हर्षित ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में इन दोनों दोस्तों पर गहरा संदेह जताया है। पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे हर पहलू पर गहन पूछताछ की जा रही है।
जंगलों में डॉग स्क्वायड, निम (NIM) और 6 विभागों का संयुक्त रेस्क्यू
दुर्गम और अत्यधिक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस सर्च ऑपरेशन को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। बबीता की खोज के लिए कई बड़ी जांच और रेस्क्यू एजेंसियों ने हाथ मिलाया है:
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM): इसके विशेषज्ञ ऊंचे और खतरनाक ढलानों पर रेस्क्यू संभाल रहे हैं।
केंद्रीय व राज्य एजेंसियां: एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ जुटी हैं।
स्थानीय प्रशासन: जिला आपदा प्रबंधन (DDMA) की क्यूआरटी (QRT), स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और वन विभाग के कर्मचारी चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं।
डॉग स्क्वायड: दयारा बुग्याल के घने जंगलों, गहरी खाइयों और संभावित ट्रैकिंग मार्गों पर सुराग तलाशने के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।
प्रशासन का रुख: जिला प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस केवल हादसे के एंगल से ही नहीं, बल्कि किसी बड़ी साजिश या आपराधिक एंगल को ध्यान में रखकर भी जांच को आगे बढ़ा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह महाअभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक युवती का पता नहीं चल जाता। दूसरी ओर, बबीता के परिजन और स्थानीय लोग उसकी सकुशल वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।



