उत्तरप्रदेश

मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, हत्या की साजिश और उत्पीड़न के आरोप

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देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री ने पति पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस पहुंचीं मंत्री

मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक वीडियो और अपने पति से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा की। उन्होंने वीडियो संदेश में बताया कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लेना पड़ा। मंत्री के अनुसार, उन्होंने यह कदम अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर को दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश, मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी, वैवाहिक क्रूरता और धमकी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराएं शामिल की गई हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पुलिस जांच कर रही है।

घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं से की अपील

मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने महिलाओं से घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “महिला आम हो, महिला खास हो… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।”

मंत्री ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ चुप न रहें और जरूरत पड़ने पर पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों से सहायता लें।

तबीयत बिगड़ने की भी आई जानकारी

इस घटनाक्रम के बाद रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मामले ने प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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